दुनिया में आने तो दो

(ये कविता उन बेटियो के दर्द को प्रदर्शित करती है जिन्हें इस दुनिया में आने से पहले ही मार दिया जाता है। उस वक़्त एक बेटी अपने माता पिता से कुछ इस तरह से दुनिया में आने की गुजारिश करती है)-

पापा मुझे यु ना मारोमें तो आपके भाग्य से आई हु,पापा मुझे घर से ना निकालोमें तो साथ अपने खुशिया लाई हु,

माँ में आपके काम में आपका हाथ बटाऊँगीआप जब थक जाओगे, हाथो से खाना आपको खिलाऊँगी ,आपका मान में खूब बढ़ाऊँगीगर्व से आपका नाम रोशन कर जाऊँगी,

पापा आपको कभी दुःख ना पोहोचाऊंगीआपके हर दर्द को चुटकियो में दूर भगाउँगीपापा मुझे इस दुनिया में आने तो दोआखिर मुझे जीने तो दो

पापा में बोझ नही हुमें तो आपकी किस्मत बदल जाऊँगीबस मुझे इस दुनिया में आने तो दोआखिर मुझे जीने तो दो

माँ मुझे मारके पाप के भागीदार आप मत बनोमुझसे मेरी ये साँसे तो मत छीनोआपकी उदासी में दूर कर जाऊँगीआपको खुशिया में दे जाऊँगीबस मुझे इस दुनिया में आने तो दोआखिर मुझे जीने तो दो

मेरा कुसूर आखिर क्या हैये मुझे बतला तो दोक्या बेटी होना गुनाह है माँ?आप भी तो एक बेटी हैमेरे इस दर्द को आखिर आप तो समझोप्लीज मुझे जीने तो दोमुझे इस दुनिया में आने तो दो…!

!

!

!

चंचल सोनी

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

10 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/03/2017
    • chanchal soni 26/03/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 26/03/2017
    • chanchal soni 27/03/2017
  3. C.M. Sharma babucm 26/03/2017
    • chanchal soni 27/03/2017
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 26/03/2017
    • chanchal soni 27/03/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 27/03/2017
    • chanchal soni 03/04/2017

Leave a Reply