लव स्टोरी (भाग 2)….. काजल सोनी

दीवाली के वो दिन अब खत्म हो गये थे। मगर उस प्यारी सी लड़की के इंतजार के दिन अब शुरू हो गये थे। उसकी नजरे हर रोज उस लड़के को तलाशती रहीं। बड़ी बेचैनी और बेकरारी थी उसके इंतजार में । अचानक एक दिन वो लड़का चूड़ियाँ बेचता हुआ नजर आया वो दौड़ कर पास आई जैसे बरसों से पहचान हो उससे। एक दूजे को देख दोनों के चेहरों में मानो रौनक सी आ गई हो। लड़की ने धीरे से उसके दुबारा न आने का कारण पूछा? तो लड़का बोला – जिस दिन तुमने मुझे खाना खिलाया था। उसी रात मुझे चूड़ियों की दुकान में नौकरी मिल गई । मैं और मेरा परिवार उस दिन से कभी भुखे नहीं रहते । मैंअब दर दर भटक कर कुछ नहीं बेचता। पर जाने क्यु मुझे तुमसे मिलने की इच्छा थी। चूड़ियाँ बेचने के बहाने तुमसे मिलने आया हूँ । उसकी बात सुनकर लड़की बहुत खुश हुई । उसने कुछ चूड़ियाँ खरीदी । लड़के का मन हुआ कि उससे चूड़ियों के पैसे न लें पर उसकी जालिम गरीबी उसे ये इजाजत न दे सकी। लड़के ने फिर कहा – ” तुमने जो इस भुखे को खाना खिलाया मैं बदले में तुम्हे कुछ दे तो नहीं सकता पर जिंदगी में अगर तुम्हारे कुछ काम आ सका तो जरूर कहना। ” लड़के की ऐसी बात सुनकर वो गदगद हो उठी और अपने जज्बातों को सम्हालती हुई घर को दौड़ चली। लड़के के न आने का गम तो उसे था, पर ये खुशी भी थी कि जो दुआ उसने लड़के के लिए खुदा से कि थीं वो कबूल हो गई ……. ।उसने अपने जज्बातों को कलम की जुबा दी – कहूँ तो मैं कहूँ कैसे तुमसे , खुदा दुर रखे, तुझको तेरे हर गम से । तु तन्हा , तु है मासूम , माना गम तुझको हजारों हैं सबसे । हुआ सिने में, अजीब दर्द मुझे , देखें थे हालात तेरे जबसे । पर होने लगी मैं तेरी, खुबसूरत सा, प्यारा दिल तेरा , इश्क होने लगा जाने क्यूँ मुझको तुमसे । । ……… To be continued………….. . . . “काजल सोनी”

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7 Comments

  1. Madhu tiwari 26/03/2017
  2. Shishir "Madhukar" 26/03/2017
  3. ANU MAHESHWARI 26/03/2017
  4. babucm 26/03/2017
  5. डी. के. निवातिया 27/03/2017
  6. Meena Bhardwaj 27/03/2017

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