५६. जिससे था हमें प्यार ……………चला गया |गीत| “मनोज कुमार”

जिससे था हमें प्यार वो साजन चला गयाहम रहते थे जिसके दीवाने चला गयाहुई मुद्दतों अब तक जिसका पता नहीहमें छोड़ अकेला तन्हा करके चला गयाबड़े प्यार की बातें करता वो सजना झूठा निकलागम सहते है यारो वो गम देकर के चला गयाकरना था औरों से तो हमसे क्यूँ तूने प्यार कियाबीच राह में छोड़ अकेला नाता तोड़ के चला गयाढ़ेरों सारी आशायें थी और जीने की उम्मीदेंक्या बोले वो ही सारी खुशियाँ लेके चला गयाहमें समझ वो कोई फूल भँवरा बनके आया थाउजड़ गया मेरा गुलशन वो खुशबू लेके चला गयाजब जाना था लिख्खा क्यूँ दिल के पन्नों पे अपना नामकरके दीवाना बनाके पागल घायल करके चला गयाकरके दीवाना बनाके पागल घायल करके चला गयाअधरें पैमाना जिसके और नैना भी मयखाना थे बना शराबी हमको दिल की नगरी से वो चला गयाऔर नही “मनोज” अपना हमको बैगाना समझाफूलों जैसे नाजुक दिल को चोटें देकर चला गया“मनोज कुमार”

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4 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 21/03/2017
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 20/05/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/03/2017
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 20/05/2017

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