सत्य

जिसे कहा औचित्यहीन, उसकी सत्ता का बल देखा।जिसका नहीं अभाव कहा, उसका पोषक निर्बल देखा।खेल रहा प्रारब्धबद्ध, पर उसको क्या पहचान सकोगे?सत्य करमगति सैद्धान्तिक है, विभव-पराभव का लेखा।।

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

2 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/03/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 21/03/2017

Leave a Reply