गौरैया रानी – मधु तिवारी

गौरैया रानी तेरी चीं-चीं मैं सुनना चाहती हूंभूल हुई क्या हम सबसे उसे गुनना चाहती हूंरुठकर जो चली गई तुम दरो – दीवार सेफिर से ताना बाना वो बुनना चाहती हूंघोसला बनाओ छज्जे पर तिनके बिखरा दोएक एक तिनके को मैं चुनना चाहती हूंकरो माफ हमें सजा इतनी कठोर न दोतेरे उजड़े घरौंदे को मैं तुनना चाहती हूंआओ हमें न सताओ छोड़ो न अकेले भीतेरे साथ का आनंद फिर महसूसना चाहती हूंमधु तिवारी

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16 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 20/03/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/03/2017
  3. KaviKrishiv KaviKrishiv 20/03/2017
  4. Kajalsoni 21/03/2017
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 21/03/2017
  5. mani mani 21/03/2017
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 21/03/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 21/03/2017
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 21/03/2017
  7. ALKA ALKA 22/03/2017
  8. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 23/03/2017

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