“माँ” A Heart Touching Poem By Alok Upadhyay

लेती नहीं दवाई “माँ”,जोड़े पाई-पाई “माँ”।दुःख थे पर्वत, राई “माँ”,हारी नहीं लड़ाई “माँ”।इस दुनियां में सब मैले हैं,किस दुनियां से आई “माँ”।दुनिया के सब रिश्ते ठंडे,गरमागर्म रजाई “माँ” ।जब भी कोई रिश्ता उधड़े,करती है तुरपाई “माँ” ।बाबू जी तनख़ा लाये बस,लेकिन बरक़त लाई “माँ”।बाबूजी थे सख्त मगर ,माखन और मलाई “माँ”।बाबूजी के पाँव दबा करसब तीरथ हो आई “माँ”।नाम सभी हैं गुड़ से मीठे,मां जी, मैया, माई, “माँ” ।सभी साड़ियाँ छीज गई थीं,मगर नहीं कह पाई “माँ” ।घर में चूल्हे मत बाँटो रे,देती रही दुहाई “माँ”।बाबूजी बीमार पड़े जब,साथ-साथ मुरझाई “माँ” ।रोती है लेकिन छुप-छुप कर,बड़े सब्र की जाई “माँ”।लड़ते-लड़ते, सहते-सहते,रह गई एक तिहाई “माँ” ।बेटी रहे ससुराल में खुश,सब ज़ेवर दे आई “माँ”।”माँ” से घर, घर लगता है,घर में घुली, समाई “माँ” ।बेटे की कुर्सी है ऊँची,पर उसकी ऊँचाई “माँ” ।दर्द बड़ा हो या छोटा हो,याद हमेशा आई “माँ”।घर के शगुन सभी “माँ” से,है घर की शहनाई “माँ”।सभी पराये हो जाते हैं,होती नहीं पराई मां…!

Musician Alok Upadhyay With His Team DUA MUSICAL BAND

Musician Alok Upadhyay With His Team DUA MUSICAL BAND

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

14 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/03/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 19/03/2017
  3. bhupendradave 20/03/2017
  4. C.M. Sharma babucm 20/03/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/03/2017
    • Alok Upadhyay Alok Upadhyay 27/03/2017
    • Mrigank 15/05/2020
  6. Mrigank 15/05/2020

Leave a Reply