रहमत खुदा की..सी. एम्. शर्मा (बब्बू) ..

गर रोने का नाम प्यार होता तो हम भी रो लेते….करके नुमाईश ज़ख्मों की वाहवाही ले लेते…नादान रहे समझे नहीं मोहब्बत व्योपार भी होता है…एक हाथ दे दूसरे से लेने का हक़ हम भी ले लेते…प्यार तो प्यार है किसी शै का तलबगार नहीं है…हक़ है करने का मगर लेने का अधिकार नहीं है…यह रहमत है खुदा की जो नसीबों से ही मिलती है…खरीद सका नहीं कोई इसे न बाजार में बिकती है….\/सी. एम्. शर्मा (बब्बू)

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14 Comments

    • C.M. Sharma babucm 20/03/2017
  1. mani mani 18/03/2017
    • C.M. Sharma babucm 20/03/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 18/03/2017
    • C.M. Sharma babucm 20/03/2017
  3. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 18/03/2017
    • C.M. Sharma babucm 20/03/2017
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/03/2017
    • C.M. Sharma babucm 20/03/2017
  5. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 19/03/2017
    • C.M. Sharma babucm 20/03/2017
  6. Kajalsoni 20/03/2017
    • C.M. Sharma babucm 21/03/2017

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