सेहरा — शेरो शायरी — डी के निवातिया

लो सज गए वो फिर से पहनकर सेहरा भी,अरे कोई तो जाकर उन्हें हमारी याद दिलाये !हम ख़ाक में मिल गए उनके एक इशारे परऔर वो है के कब्र पे हमारी फिर सेज सजाये !!!!!डी के निवातिया

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14 Comments

  1. Meena Bhardwaj 16/03/2017
    • डी. के. निवातिया 18/03/2017
  2. Madhu tiwari 16/03/2017
    • डी. के. निवातिया 18/03/2017
  3. Shishir "Madhukar" 17/03/2017
    • डी. के. निवातिया 18/03/2017
  4. babucm 17/03/2017
    • डी. के. निवातिया 18/03/2017
    • डी. के. निवातिया 18/03/2017
  5. Kajalsoni 19/03/2017
    • डी. के. निवातिया 20/03/2017
  6. mani 19/03/2017
    • डी. के. निवातिया 20/03/2017

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