चली जिन्दगी अपने रस्ते – शिशिर मधुकर

साथ मिला होता जो मुझ को तेरी इन दो बाहों का नूर कभी न मिटने देता मैं भी इन पाक निगाहों कामौका था तब मैंने भी दिल का बस व्यापार किया हाल बताऊँ अब मैं किसको इन सूनी सी राहों काचली जिन्दगी अपने रस्ते सब इच्छाएं ना पूर्ण हुईसपना मगर नहीं टूटा है अब तक तेरी पनाहों का सारे जग को मैं अपना हँसता चेहरा दिखलाता हूँ काश कोई समझे दुःख मेरी ठंडी ठंडी आहों का कभी कभी बैरागी हो मन मुझको ये समझाता है भरा नहीं करता है आँचल इस जीवन में चाहों काशिशिर मधुकर

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

16 Comments

  1. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 08/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/03/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 08/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/03/2017
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 08/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/03/2017
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 08/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/03/2017
  5. Kajalsoni 08/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/03/2017
  6. Krishan saini कृष्ण सैनी 08/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/03/2017
  7. C.M. Sharma babucm 08/03/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/03/2017

Leave a Reply