फितरत बदल ना पाएगी – शिशिर मधुकर

अगर तू याद करना छोड़ दे मुझको खबर मिल जाएगी अपने मिलन की आस के फिर ना गीत धड़कन गाएगीआँखों से दूर कर दिया पर दिल से तो ना रुखसत किया साँसें हैं जब तक मेरे तन में तेरी चाहत मुझे तड़पाएगी बिखरे चमन का भय भी ना हमको अलहदा कर सका शायद ये दुनिया अब तो अपनी चालों से बाज़ आएगीपैदा हुए और बस मर गए ऐसी जिन्दगी का क्या मज़ाकुछ ऐसा करें जो नस्लें हमारे अफ़सानों को गुनगुनाएँगी मिलते हैं लोग हर तरह के इस जिन्दगानी में मधुकरमुहब्बत में जीने वालों की कभी फितरत बदल ना पाएगी शिशिर मधुकर

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20 Comments

    • Shishir "Madhukar" 07/03/2017
  1. Madhu tiwari 07/03/2017
    • Shishir "Madhukar" 07/03/2017
  2. Kajalsoni 07/03/2017
    • Shishir "Madhukar" 08/03/2017
  3. डी. के. निवातिया 07/03/2017
    • Shishir "Madhukar" 08/03/2017
  4. Meena Bhardwaj 07/03/2017
    • Shishir "Madhukar" 08/03/2017
  5. ANU MAHESHWARI 08/03/2017
    • Shishir "Madhukar" 08/03/2017
  6. mani 08/03/2017
    • Shishir "Madhukar" 08/03/2017
  7. babucm 08/03/2017
    • Shishir "Madhukar" 08/03/2017
  8. कृष्ण सैनी 08/03/2017
    • Shishir "Madhukar" 08/03/2017
  9. Rajeev Gupta 09/03/2017
    • Shishir "Madhukar" 09/03/2017

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