अभिव्यक्ति की आजादी -शिशिर मधुकर

अभिव्यक्ति की आजादी है भाई मैं तो नंगा नाचूँगा देश तोड़ने की बातों को चिल्ला चिल्ला कर बाचूँगा अभिव्यक्ति की खातिर ही पंडित कश्मीर से आए थेमहल छोड़ कर श्रीनगर में दिल्ली में तम्बू लगाए थे अभिव्यक्ति के लिए ही तो रश्दी के काम को बैन किया तस्लीमा पर शोर मचा कर एक अबला को बैचैन किया कोई बताए “मी नाथू राम बोलतोय” पर क्यों पाबंदी थी अभिव्यक्ति की ये आजादी तब लगती सबको गंदी थी अभिव्यक्ति की पूरी आजादी है झूठी कुंठाए तुम त्यागोआगे बढ़ते भारत के संग मिल कदम ताल में तुम भागो शिशिर मधुकर

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14 Comments

  1. आलोक पान्डेय 01/03/2017
    • Shishir "Madhukar" 02/03/2017
  2. babucm 01/03/2017
    • Shishir "Madhukar" 02/03/2017
  3. ANU MAHESHWARI 02/03/2017
    • Shishir "Madhukar" 02/03/2017
  4. Kajalsoni 02/03/2017
    • Shishir "Madhukar" 02/03/2017
  5. Madhu tiwari 03/03/2017
  6. Shishir "Madhukar" 04/03/2017
  7. Meena Bhardwaj 04/03/2017
    • Shishir "Madhukar" 04/03/2017
  8. डी. के. निवातिया 04/03/2017
    • Shishir "Madhukar" 04/03/2017

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