मेरा हिंदुस्तान:-विजय

टुकडे चाहे जो देश का मेरे
उनके टुकडे हम कर देंगे
जो कश्मीर मागोगे हमसे
चीड-फाड कर रख देंगे

पानी मिलता है जो तुमको
सिंधु झेलम चिनाव से
खून की नदिया बह जायेगी
बोलो जरा हिसाब से

आतन्क फैला रखा है जो तुमने
जिहादो के नाम पे
अब जरा तुम अपने हद मे रहना
वर्ना हाथ धो बैठोगे बलुचिस्तान से

अपने-अपने कान खोलकर सुन लो
मत उलझो हिंदुस्तान से
नक्शा फिर मिलेगा ना किसी को
पाकिस्तान के नाम से

11 Comments

  1. babucm 25/02/2017
    • vijaykr811 26/02/2017
  2. डी. के. निवातिया 25/02/2017
    • vijaykr811 26/02/2017
  3. Kajalsoni 25/02/2017
    • vijaykr811 26/02/2017
  4. Shishir "Madhukar" 25/02/2017
    • vijaykr811 26/02/2017
  5. Madhu tiwari 25/02/2017
    • vijaykr811 26/02/2017
  6. sumit jain 26/02/2017

Leave a Reply