सनम-मनिंदर सिंह “मनी”

लौट सनम तू आ जा मेरे,खोयी मैं सपनो में तेरे,तू ही तू नज़रो में मेरे,नाम सिर्फ दिल तेरा फेरे,नहीं पता मैं कब से सोयी,बैठ अकेले मैं तो रोयी,बीत रही है तन्हा रातें,गुजर रही यूँ ही बरसाते,ना मिलते बाहोँ के घेरे, बता सनम क्या दिल में तेरे,मुझे चाहना तेरी मर्जी,तुझे इश्क मेरी खुदगर्जी,छोड़ो तुम अब मुझे सताना,है सूना पड़ा आशियाना,कभी खींचना यूँ गालों को,सहलाना तेरा बालो को,छूटे ना मुझसे परछाई,वक्त रहे आ जा हरजाई, आ माही दिल तुझे पुकारे,तेरा हर पथ नज़र निहारे,लौट सनम तू आ जा मेरे………….मनिंदर सिंह “मनी”

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12 Comments

  1. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 23/02/2017
    • mani mani 23/02/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 23/02/2017
    • mani mani 23/02/2017
  3. Krishan saini कृष्ण सैनी 23/02/2017
    • mani mani 23/02/2017
  4. Kajalsoni 23/02/2017
    • mani mani 23/02/2017
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/02/2017
    • mani mani 23/02/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/02/2017
  7. mani mani 23/02/2017

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