ग़ज़ल- कब से मेरा तडपे हैं दिल-मनिन्दर सिंह “मनी”

कब से मेरा तडपे हैं दिल ।अाकर मुझ को साजन तू मिल ।।यादों में तेरी खोया मैं ।दिल में मेरे तू बस कर खिल ।। दीवाना कह कर मारे जग ।मरहम ले कर तू मुझ को मिल ।।राही बन फिरता मैं कब से ।तुझ को ही खोजे मेरा दिल ।।हैं गर कोई शिकवा मुझ से ।कह ले तू बाते मुझ को मिल ।।रहना है मुश्किल मेरा तन्हा ।लेकर जीता हूँ अाखो में सिल ।।मनिन्दर सिंह२२ २२ २२ २२

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14 Comments

  1. babucm 23/02/2017
    • mani 23/02/2017
  2. Meena Bhardwaj 23/02/2017
    • mani 23/02/2017
  3. कृष्ण सैनी 23/02/2017
    • mani 23/02/2017
  4. Madhu tiwari 23/02/2017
    • mani 23/02/2017
  5. Kajalsoni 23/02/2017
    • mani 23/02/2017
  6. Shishir "Madhukar" 23/02/2017
    • mani 23/02/2017
  7. डी. के. निवातिया 23/02/2017
  8. mani 23/02/2017

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