परीक्षा का मौसम…-पियुष राज

Exam Special Poemपरीक्षा का मौसम….सर्दी अच्छी है,गर्मी अच्छी हैबरसात में नहीँ है कोई गमसबका सर है चकराने लगताजब आता है परीक्षा का मौसमपढ़ने का मन नही करतापर फेल होने से है डरताजब तक नही मिलती पापा से डांटतब तक नही कोई पढ़तापरीक्षा के इस मौसम मेंबढ़ जाती है बीमारीसुबह उठने को मन नही करताबढ़ जाती है लाचारीहर मौसम से अलग हैये परीक्षा का मौसमकिसी लगता है ज्यादा डरतो किसी को लगता है कमइस मौसम में दोस्तों सेमेलजोल हो जाता है मंदजिस घर में हो बच्चो की परीक्षाउस घर का टीवी हो जाता है बंदबच्चो का हर वक़्तकिताबों में रहता है ध्यानएक दिन में पाना चाहते हैपूरे साल भर का ज्ञानपरीक्षा शुरू होते हीबढ़ जाता है मानबच्चे से ज्यादा घरवालेहो जाते है परेशानपरीक्षा ख़त्म होते ही लगता हैजैसे जीत लिया हो कोई जंगफिर सब नज़र आते हैअपने दोस्तों के संगइस मौसम का असररिजल्ट में है दिखताकोई बढ़ जाता है आगेतो कोई अपनी गलतियो से है सीखता …©पियुष राज ,दुमका ,झारखण्ड ।उम्र-17 सालराजकीय पॉलिटेक्निक ,दुमका_(Poem.No-43) 18/02/2017_

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2 Comments

  1. Madhu tiwari 20/02/2017
  2. Sai kumar 13/02/2019

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