सुन्दर भाव हो–मधु तिवारी

हे मन ! ऐसा कोई गीत लिख जिसमें सुन्दर भाव होहर किसी को सीख मिले सबको ऐसा ही चाव होजीवन मे लोग सभी पाले इमानदारी कोदेश औऱ समाज हित की ले जिम्मेदारी कोकरें विकास का काम सभी शहर हो या गांव होहे मन ऐसा कोई गीत लिख जिसमें सुन्दर भाव होग्यान विग्यान की उन्नति मे बढ़ जाए हम आगेपीछे छोड़ सारे जग को सबसे पहले हम भागेमूड़ के न देखे पीछे को नदी की तरह बहाव होहे मन ऐसा कोई गीत लिख जिसमें सुन्दर भाव होस्रम कर खाये एक एक जन न रहे कोई बैठेअपना औऱ पराया सोच के कोई भी न ऐठेमिलकर संग चले सभी ऐसा सबका सुभाव होहे मन ऐसा कोई गीत लिख जिसमें सुन्दर भाव होजात धरम पर लड़े न कोई हो आदर यहाँ सबकाअमन चैन हो देश मे अपना छुटे न कोई तबकाभला ही सोचें हर इन्सान इसी मे सबका झुकाव होहे मन ऐसा कोई गीत लिख जिसमें सुन्दर भाव होहोमधु तिवारी

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14 Comments

  1. Meena Bhardwaj 20/02/2017
  2. Shishir "Madhukar" 20/02/2017
    • Madhu tiwari 20/02/2017
  3. babucm 20/02/2017
  4. डी. के. निवातिया 20/02/2017
  5. Kajalsoni 22/02/2017
  6. कृष्ण सैनी 23/02/2017
    • Madhu tiwari 23/02/2017
  7. mani 23/02/2017

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