फिर पेश हुआ बजट

फिर पेश हुआबजट पहलानोटबंदी के बाद

चर्चा है चारो औरखबर है मानोटी.वि कीये बजट हैआम आदमी काकरे कामझटपटक्यों नष्टकरे समय

फिर पेश हुआदेश का बजट

विषय है चर्चा कापक्ष और विपक्ष काबच्चे बूढ़े नोजवान काडिजिटल के प्रचार कागाँवों के विकास काबढ़ती मेंहगाई काआमदनी बढ़ाने काखर्च में कटौती कागरीबों के हित काकिसान की भलाई काशिक्षा के प्रसार कारक्षा के खर्च का

फिर पेश हुआदेश का बजट

कुछ फयदा है तोकुछ नुकसान हैथोड़ा खुश है तोथोड़ा नाराज हैथोड़ा सुकून है तोथोड़ा उलझन हैआम आदमी काफिर भी बढ़ेगाकष्ट

फिर पेश हुआदेश का बजट

दौलतमंद हुआपूँजीपतिहुआ बेचैनमिडिल क्लासबढ़ता अम्बारगरीबी कालेख-जोखा हैलाखो-करोड़ो काकुछ को मिला मौकाकुछ को मिलाफिर से धोखाखूब फलता हैफूलता है।फिर भी आतंकलगता है अजीबकिन्तु यही सच हैकुछ भी हो सुखी हैभ्रष्ट व्यक्ति

फिर पेश हुआदेश का बजट

क्योंकि –गहरा रिश्ता हैबजट का धन सेये तो चाल हैवित्तमंत्री कीबजट जोड़,गुणा, घटाव कीपहुँचता है पूरा गिलासपानी की बूंद बनकरजनता तकजो भी होसुखी रहेंगे

फिर पेश हुआ बजट….!

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4 Comments

  1. sumit jain sumit jain 03/02/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 03/02/2017
  3. sumit jain sumit jain 03/02/2017

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