जब आये ऋतुराज बसंत —डा श्याम गुप्त का गीत …..

जब आये ऋतुराज बसंतडा श्याम गुप्त का गीत …..जब आये ऋतुराज बसंत ||राग कामोदीआशा तृष्णा प्यार जगाए ,विह्वल मन में उठे तरंग |मन में फूले प्यार की सरसों,अंग अंग भर उठे उमंग |जब आये ऋतुराज बसंत ||अंग अंग में  रस भर जाए,तन मन में जादू कर जाए |भोली, सरल गाँव की गोरी,प्रेम मगन राधा बन जाए |कण कण में ऋतुराज समाये ,हर प्रेमी कान्हा बन जाए,ऋषि मुनि मन भी डोल उठें, जब-बरसे रंग रस रूप अनंत |जब आये ऋतुराज बसंत || 

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

6 Comments

  1. mani mani 01/02/2017
  2. C.M. Sharma babucm 01/02/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/02/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 01/02/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 02/02/2017

Leave a Reply