प्रेम शांति और सामंजस्य

प्रेम शांति और सामंजस्य अपना लोफिर अमन का चिराग जलालोजो बीज नफरतो के बो गएवो अब सास्वत ही सो गएबृक्ष काँटों के हटा करएक फूलो का बागान लगा लोफिर अमन का चिराग जलालोन मेरा रब न  तेरा खुदान मेरा जीसस न कोई भगवनवह गुरु और परमशक्ति नेदिया सबको एक सा ये जीवनआओ मानवता का धर्म अपनालोफिर अमन का चिराग जलालोक्यों कल्पना बिनाश कीजब विकास तुमको देता है दस्तकमिलकर आगे चल बढेक्यों झुके तेरा भी मस्तकआओ बंधू अब सब भुला करसामंज्यस्य का पथ प्रसस्थ करालोफिर अमन का चिराग जलालोये जमीन के टुकड़े नेदो भाई बांटे, बोये कांटेजन्नत के लोगो को नसीब नहुए जन्नत अब तलककश्मीरियो से मतदान करालोफिर अमन का चिराग जलालोकुछ मुल्क घर के कलह काउपयोग करते स्वलाभ मेउनको न फ़िक्र कभी होगीयहाँ परिवार संताप मेअपनी आत्मा को जगालोफिर अमन का चिराग जलालोब्यापार हथियारों का कब तकपसीने और खून का सौदा कब तकस्वस्थ और संपन्न दुनिया मे ये मेराउजड़ा हुआ घरोंदा कब तकप्रेम शांति और सामंजस्य कीमिलकर एक मुहीम चलालोआओ फिर अमन का मिलकरएक चिराग जलालो

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

2 Comments

  1. babucm 20/01/2017
    • Mskiroula 23/01/2017

Leave a Reply to babucm Cancel reply