गीत-ना रोको मुझे कहने दो-मनिंदर सिंह “मनी”

ना रोको मुझे कहने दो,अपनी रवानी में बहने दो,तन्हा तन्हा था सफर मेरा,जग में ना था कोई मेरा,,दिल पर आहट दी तुमने,वजह जीने की दी तुमने,,ना रोको मुझे कहने दो,अपनी रवानी में बहने दो,हर दूरी मिट जाये यारा,इक रिश्ता बन जाये यारा,,काजल बन जा तू आँखों का,धड़कना बन जा तू सासों का,, ना रोको मुझे कहने दो,अपनी रवानी में बहने दो,मैं भवरा तुम फूल बन जाओ,मेरे जीवन में रस भर जाओ,,मैं साज तुम सरगम मेरी,तुम दिल पे लिखी ग़ज़ल मेरी,ना रोको मुझे कहने दो,अपनी रवानी में बहने दो,दिल की जुबा खोलो रे,मुझे अपना बोलो रे,भर ले सनम निगाहों मेंभर ले सनम मुझे बाँहों में,ना रोको मुझे कहने दो,अपनी रवानी में बहने दो,मनिंदर सिंह “मनी”

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

14 Comments

  1. Madhu tiwari 08/01/2017
    • mani 10/01/2017
  2. ANU MAHESHWARI 08/01/2017
    • mani 10/01/2017
  3. कृष्ण सैनी 09/01/2017
    • mani 10/01/2017
  4. babucm 09/01/2017
    • mani 10/01/2017
  5. Meena Bhardwaj 09/01/2017
    • mani 10/01/2017
  6. Shishir "Madhukar" 09/01/2017
    • mani 10/01/2017
  7. निवातियाँ डी. के. 09/01/2017
    • mani 10/01/2017

Leave a Reply