बेटियाँ

घर आँगन की पहचान होती है बेटियाँहर चेहरे की  मुस्कान होती है बेटियाँराम, कृष्ण भी लेकर आते है अवतारममता का ऐसा भण्डार होती है बेटियाँ !!चंदन की खुशबु सी महकती है बेटियाँबन कोयल सी मधुर कूकती है बेटियाँचहकता है इनसे घर का कोना – कोनाचिड़ियों सी आँगन में झूमती है बेटियाँ !!अपने हाथो से द्वार सजाती है बेटियाँस्वच्छता की पहचान बनती है  बेटियाँकलि, फूल, खुशबु बन महकाती आँगनघर को जन्नत का रूप देती है बेटियाँ !!गुलशन सा आशियाना बनाती हैजंहा पड़े कदम पह्चान बनाती हैलक्ष्मी, सरस्वती, बनकर आती हैखुशियो का खजाना होती है बेटियाँ !!सूरज की किरणों सी दमकती हैचंद्र की शीतलता सी चमकती हैसितारों की तरह वो  झलकती हैजलते दीपक की लौ होती है बेटियाँ !!हर पूजा, प्रार्थना यज्ञ की स्वामिनीअग्नि, वायु, पृथ्वी समरूप तारिणीसम्पूर्ण सृष्टि की जो जीवन दायिनीजीने का मूल मंत्र होती है बेटियाँ !!!!!D. K. Nivatiya

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

18 Comments

  1. babucm 30/01/2017
    • डी. के. निवातिया 02/02/2017
  2. Meena Bhardwaj 30/01/2017
    • डी. के. निवातिया 02/02/2017
  3. Shabnam 30/01/2017
    • डी. के. निवातिया 02/02/2017
  4. ANU MAHESHWARI 31/01/2017
    • डी. के. निवातिया 02/02/2017
  5. Shishir "Madhukar" 31/01/2017
    • डी. के. निवातिया 02/02/2017
  6. mani 01/02/2017
    • डी. के. निवातिया 02/02/2017
  7. Madhu tiwari 01/02/2017
    • डी. के. निवातिया 02/02/2017
    • डी. के. निवातिया 03/02/2017
  8. Kajalsoni 03/02/2017
    • डी. के. निवातिया 06/02/2017

Leave a Reply