ग़ज़ल-बात मुझ से आप कर के देखिये-मनिंदर सिंह “मनी”

बात मुझ से आप कर के देखिये | आज थोड़ा सा सवंर के देखिये ||क्यों नहीं नजदीक आते हमनवां |मेरे नैनो में उतर के देखिये |तुम सताते हो मुझे क्यों हमसफ़र |हो सके तो मुझ पे मर के देखिये ||हाल ऐ दिल को समझते क्यों नहीं |खुद से मेरा जिक्र कर के देखिये ||है सजाये सपने मैंने कुछ “मनी” |दिल की राहों से गुजर के देखिये ||मनिंदर सिंह “मनी”2122 2122 212

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15 Comments

  1. Madhu tiwari 05/01/2017
    • mani 05/01/2017
  2. ANU MAHESHWARI 05/01/2017
    • mani 05/01/2017
  3. निवातियाँ डी. के. 05/01/2017
    • mani 05/01/2017
      • निवातियाँ डी. के. 05/01/2017
        • mani 06/01/2017
  4. Meena Bhardwaj 05/01/2017
    • mani 06/01/2017
  5. Shishir "Madhukar" 05/01/2017
    • mani 06/01/2017
  6. babucm 06/01/2017
    • mani 06/01/2017

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