याद रही या भूल गया

जनवरी-फेबवरी याद रही,चैत्र-बैशाख भूल गया ,हम मतलबी इंसान अपनो का हाल पूछना भूल गये ।तारिक बदलना याद रही,बिगड़ी सीरत सुधरना भूल गये ,मशरूफ़ हुए खुद मैं ऐसे,फौजी को जय हिन्द केहना भूल गये ।भूल जाओ वो सारे झगडे जो तुझसे कभी किया हम करते थे,बटने ना देंगे भारत को कसम याद वो करते है ।भूल जाओ वो शेष कष्टदाई जो तुम्हे रूलाया करती है,कभी हँसाया हो मैने तुम्हे किस्सा याद वो करते है ।

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6 Comments

  1. babucm 01/01/2017
    • Vikram jajbaati 17/08/2017
  2. निवातियाँ डी. के. 01/01/2017
    • Vikram jajbaati 17/08/2017
  3. डॉ. विवेक 01/01/2017

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