बुजदिल – शिशिर मधुकर

तेरी सांसो की महक सांसो में मेरी शामिल है तेरे बिना सफ़र जिन्दगी का बहुत मुश्किल हैतेरे हर अंग में मेरी मुहब्बत का पाक मंदिर हैये दिल यादों में सदा जिसकी हुआ गाफिल हैचाहत इंसानों की जहाँ हद से गुजर जाती हैऐसे रिश्तों को यहाँ मिलती ना कोई मंजिल हैतन्हा रहता है दर्द सहता है और मुस्कुराता है हर इंसान अब इस दुनियाँ में बड़ा बुजदिल हैकिसी के मन के मंदिर में एक छवि बन जाएमधुकर संसार में मुहब्बत का ये ही हांसिल हैशिशिर मधुकर

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16 Comments

  1. vivekbijnori 22/12/2016
    • Shishir "Madhukar" 22/12/2016
  2. babucm 22/12/2016
    • Shishir "Madhukar" 22/12/2016
    • Shishir "Madhukar" 22/12/2016
  3. Madhu tiwari 22/12/2016
    • Shishir "Madhukar" 22/12/2016
  4. निवातियाँ डी. के. 22/12/2016
    • Shishir "Madhukar" 22/12/2016
  5. ANU MAHESHWARI 22/12/2016
    • Shishir "Madhukar" 22/12/2016
  6. Meena Bhardwaj 22/12/2016
    • Shishir "Madhukar" 22/12/2016
  7. आलोक पान्डेय 22/12/2016
    • Shishir "Madhukar" 22/12/2016

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