मुक्तक……मनिंदर सिंह “मनी”

मैं कौन हूँ?, सोचता हूँ,खुद से ही हल पूछता हूँ,क्या है सही?, क्या गलत है?,हर पल यही खोजता हूँ,———————–मेरा बाना आज भी वही है,तेरी यादें दिल में जी रही है,तू आयेगी लौट कर कभी तो,बीनाई देख रास्ता रही है, मनिंदर सिंह “मनी”बीनाई- नज़र,बाना- वेश भूषा

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9 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 21/12/2016
    • mani 21/12/2016
  2. Shishir Madhukar 21/12/2016
  3. निवातियाँ डी. के. 21/12/2016
  4. ANU MAHESHWARI 21/12/2016
  5. Madhu tiwari 21/12/2016
  6. babucm 22/12/2016
  7. Meena Bhardwaj 22/12/2016

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