मयखाने में क्या नशा रखा है—डी के निवातिया

लफ्जो की आइस क्यूब से मुहब्बत का जाम सजा रखा है ।हमने तो तेरे लिये इन आँखों में ही मयकदा बना रखा है ।पीना है तो हमारी नजरो से नजरे मिला के पी साकी भला उस मिटटी के बनावटी मयखाने में क्या नशा रखा है ।।

डी के निवातिया

 

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16 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 19/12/2016
    • निवातियाँ डी. के. 21/12/2016
  2. ANU MAHESHWARI 19/12/2016
    • निवातियाँ डी. के. 21/12/2016
  3. Meena Bhardwaj 20/12/2016
    • निवातियाँ डी. के. 21/12/2016
  4. babucm 20/12/2016
    • निवातियाँ डी. के. 21/12/2016
  5. mani 20/12/2016
    • निवातियाँ डी. के. 21/12/2016
  6. आलोक पान्डेय 20/12/2016
    • निवातियाँ डी. के. 21/12/2016
  7. Madhu tiwari 21/12/2016
    • निवातियाँ डी. के. 21/12/2016
    • निवातियाँ डी. के. 22/12/2016

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