गीत-माँ माँ माँ मेरी माँ-मनिंदर सिंह “मनी”

माँ माँ माँ मेरी माँ,बता तू है कहाँ,,आयी नहीं, तू मुड़ कर,बस गयी तू जाने कहाँ,,,,मैं ढूंढू हूँ तुझ को,कभी यहाँ, कभी वहाँ,,,, माँ माँ माँ मेरी माँ,बता तू है कहाँ,,मेरी इक आवाज़ पर, दौड़ आने वाली मेरी माँ,,,,देती नहीं आवाज़,छिप गयी तू जाने कहाँ,,,,, माँ माँ माँ मेरी माँ,बता तू है कहाँ,,,,आँचल में अपने, फिर से सुला ले तू,,,,गर तुझे नहीं आना, फिर अपने पास बुला तू,माँ माँ माँ मेरी माँ,बता तू है कहाँ,,कोई कहे, तू खुदा के घर गयी,,,,कोई कहे , तू तारा बन गयी,,,,माँ माँ माँ मेरी माँ,बता तू है कहाँ,,दुआओ छोड़ गयी, तू अपनी मेरे लिए,,,,पर माँ, मेरी माँ मैं रोयूं तुझे पाने के लिए,,,,माँ माँ माँ मेरी माँ,बता तू है कहाँ,,मनिंदर सिंह “मनी”

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16 Comments

  1. Meena Bhardwaj 15/12/2016
    • mani 17/12/2016
  2. vivekbijnori 15/12/2016
    • mani 17/12/2016
  3. निवातियाँ डी. के. 15/12/2016
    • mani 17/12/2016
  4. babucm 15/12/2016
    • mani 17/12/2016
  5. Shishir "Madhukar" 16/12/2016
    • mani 17/12/2016
  6. ANU MAHESHWARI 16/12/2016
    • mani 17/12/2016
    • mani 17/12/2016
  7. Madhu tiwari 16/12/2016
    • mani 17/12/2016

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