क्या लिखूँ (विवेक बिजनोरी)

“सोचता हूँ क्या लिखूँ दिल ए बेकरार लिखूँ या खुद का पहला प्यार लिखूँ सावन की बौंछार लिखूँ या सैलाबो की मार लिखूँ खुशियों का वो ढ़ेर लिखूँया किस्मत का फेर लिखूँ खुद की कोई फिक्र लिखूँ या खुदा का ज़िक्र लिखूँसोचता हूँ क्या लिखूँसूरज की वो धूप लिखूँ या रातो का अंधकार लिखूँ माँ का वो दुलार लिखूँ या बाबा की फटकार लिखूँ बचपन लिखूँ जवानी लिखूँ या ऐसी कोई कहानी लिखूँ ख्वाबो की परछाई लिखूँ या खुद की ये तनहाई लिखूँसोचता हूँ क्या लिखूँधर्म लिखूँ या ईमान लिखूँ चाहात लिखूँ या अरमान लिखूँ खुद की कोई पहचान लिखूँ या तुमको मैं भगवान लिखूँ आपनो का वो साथ लिखूँ या गैरो की सोगात लिखूँ दिन लिखूँ या रात लिखूँ कैसे दिल की हर बात लिखूँसोचता हूँ क्या लिखूँ(विवेक बिजनोरी)

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

12 Comments

  1. babucm 14/12/2016
    • vivekbijnori 15/12/2016
  2. M Sarvadnya 14/12/2016
    • vivekbijnori 15/12/2016
  3. mani 15/12/2016
    • vivekbijnori 22/12/2016
  4. Shishir "Madhukar" 15/12/2016
    • vivekbijnori 22/12/2016
  5. निवातियाँ डी. के. 15/12/2016
    • vivekbijnori 22/12/2016
    • vivekbijnori 22/12/2016

Leave a Reply