गुलशन गुलज़ार से – शिशिर मधुकर

तेरी यादों का ताज महल सींचा हैं प्यार सेमुझको सुकून मिलता हैं बस तेरे दीदार से लाख हँसी दिखते हैं इन लम्बी सी राहों मेंमन झूमा जो टकराई नज़र तेरे रुखसार से और नहीं कुछ जीवन में दुःखो का मेला हैंतेरे साथ गुजारे सब पल थे बस त्यौहार से लोगों को मुरझाये चेहरे क्यों अच्छे लगते हैं मुझको सुख मिलता हैं गुलशन गुलज़ार से चलो मिटा दें नफ़रत सारी बांटे केवल प्यार कुछ भी साथ ना जाएगा इस झूठे संसार से शिशिर मधुकर

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12 Comments

  1. ANU MAHESHWARI 07/12/2016
    • Shishir "Madhukar" 07/12/2016
    • Shishir "Madhukar" 07/12/2016
  2. Meena Bhardwaj 07/12/2016
    • Shishir "Madhukar" 07/12/2016
  3. निवातियाँ डी. के. 07/12/2016
    • Shishir "Madhukar" 07/12/2016
  4. babucm 07/12/2016
    • Shishir "Madhukar" 08/12/2016
  5. Savita Verma 08/12/2016
    • Shishir "Madhukar" 09/12/2016

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