मत बैठो कभी खाली…-पियुष राज

मत बैठो कभी खाली…अपने जीवन में खुशियों कीतुम बढ़ाते रहो डालीकुछ-ना-कुछ करते रहोमत बैठो कभी खालीअपने जीवनकाल मेंजो समय को व्यर्थ गवांतेवे अपने पूरे जीवन मेंकभी नही कुछ पातेखाली बैठे रहने सेदिमाग हो जाता है बंदअच्छे–बुरे का ज्ञान नही रहताबुद्धि भी हो जाता है मंदसमय के साथ कदम मिलाकरजो भी है आगे बढ़तावो ही अपने जीवन मेंबुलंदियो पर है चढ़तामेहनत करने वालेमिटटी को सोना बना देते हैदिन में सोने वालेसोना को मिट्टी बना देते हैजो अपने जीवन मेंनहीँ करता है मेहनतमाँ-बाप के सम्पति कीवो क्या समझेगा कीमतवैसे लोग तो होते हैपूंजी खाने वाले दीमकघर बेचकर पाया पैसाकभी नहीँ है टिकताअंत में वो व्यक्तिदो कौड़ी में है बिकताबिना कुछ किए हीकोई मुकाम नही मिलताजो करता है कड़ी मेहनतउसके पीछे है दुनिया चलता…।पियुष राज,दुधानी,दुमका,झारखंड ।उम्र-17 साल(Poem.No–38) 02/12/2016 8:45PMMOB-9771692835


4 Comments

  1. Madhu tiwari 03/12/2016
  2. babucm 03/12/2016
  3. ANU MAHESHWARI 03/12/2016
  4. निवातियाँ डी. के. 03/12/2016

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