राज क्या है — ग़ज़ल — डी. के. निवातिया

राज क्या है………

कर दूँ बयान अगर हकीकत तो लाज़ क्या है !तेरी खूबसूरती के आगे, भला ताज़  क्या है !!

अंदर भी कब्ज़ा और पहरा बाहर भी तुम्हारा ! इस तरह कैद करने का आखिर राज क्या है  !!हम तो ऐसे लुटे अपने रहे न किसी और केइस बर्बादी का ना जाने तुम्हे नाज क्या है !! करना है तो करो, अभी, इसी वक़्त इकरारये रोज़ का बहाना, कल कभी आज क्या है !!अगर सही गलत का इल्म नहीं रहा धर्म को फिर उस संग जिंदगी बिताने का राज क्या है !!   !!!

@—–डी. के. निवातिया ——@

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 01/12/2016
  2. babucm 02/12/2016
  3. mani 02/12/2016
  4. ANU MAHESHWARI 02/12/2016

Leave a Reply