खुशबू कहाँ से आएगी – शिशिर मधुकर

फूल जब खिलते नहीँ खुशबू कहाँ से आएगी तेरी हँसी भोली अदा मुझको बहुत तडपाएगीवक्त ने दीवार ए दिल पर नाम तेरा लिख दिया जितना मिटाओगी इसे फ़िर याद उतनी आएगी भंवरे ने पास जा के सब कुछ कली से कह दियाक्या कली बात मन की उससे कभी कह पाएगीमाना अँधेरी रात है और चाँद भी कहीँ छुप गया थोड़ा सा धीरज धरो नई सुबह फ़िर से आएगीराहें अलग हैं आज लेकिन दिल में ये उम्मीद है ए खुदा इस सफर में ये फ़िर कहीँ मिल जाएँगीशिशिर मधुकर

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12 Comments

  1. ANU MAHESHWARI 29/11/2016
    • Shishir 29/11/2016
  2. निवातियाँ डी. के. 29/11/2016
    • Shishir "Madhukar" 29/11/2016
  3. vijay kumar Singh 29/11/2016
    • Shishir "Madhukar" 29/11/2016
  4. mani 29/11/2016
    • Shishir "Madhukar" 29/11/2016
  5. babucm 29/11/2016
    • Shishir "Madhukar" 30/11/2016
  6. Meena Bhardwaj 29/11/2016
    • Shishir "Madhukar" 30/11/2016

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