अब जज़्बात बदल गए है – अनु महेश्वरी

बचपन कितना अच्छा था,छोटी छोटी बातो पे रोना,छोटी छोटी बातो पे हँसना,दोस्तों साथ रूठना मनाना,लड़ना झगड़ना फिर मिल जाना,दिल पे कोई मैल नहीं रखना।अब जज़्बात बदल गए है, हम बड़े जो हो गए है।आज ज़माने भर का दर्द अंदर समेटे,हम जी रहें, चेहरे पे झूठी मुस्कुराहट लिए।रिश्ते टूट जाते है, हल्की सी बातो से,आ जाती है दूरियां, फिर सदा के लिए।न मिल पाते हम, फिर कभी अपनेपन से,जीते हम, मन में रिश्ता टूटने का डर लिए।अब जज़्बात बदल गए है, हम बड़े जो हो गए है।”अनु महेश्वरी”चेन्नई

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

14 Comments

  1. डॉ. विवेक 15/11/2016
  2. ANU MAHESHWARI 15/11/2016
  3. babucm 15/11/2016
    • ANU MAHESHWARI 15/11/2016
  4. Manjusha 15/11/2016
    • ANU MAHESHWARI 15/11/2016
  5. Shishir "Madhukar" 16/11/2016
    • ANU MAHESHWARI 16/11/2016
  6. mani 16/11/2016
    • ANU MAHESHWARI 16/11/2016
  7. Dr Swati Gupta 16/11/2016
    • ANU MAHESHWARI 16/11/2016
    • ANU MAHESHWARI 16/11/2016

Leave a Reply