रुसवाई में तुम “” “””””””सविता वर्मा


जगती आँखों के कोरो मेंसोती आँखों की अलसाई में तुमहममें हम नहीं से पर हमारी परछाई में तुमहोठों से नाम लेते, जो होगी हमारी, रुसवाई में तुमसम्भालना चाहा दिल को पर नहीं सम्भाल पाये कसमसाई में तुमझलकती आखें, उखड़ती सासें, पर नहीं चाहिए जगहसाई में तुमकर लेंगे दिल को तंग, बेजार होंगी सासें, रहना मेरे आस पास पुरवाई में तुम

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8 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/11/2016
    • Saviakna Savita Verma 14/11/2016
      • Saviakna Savita Verma 14/11/2016
  2. C.M. Sharma babucm 14/11/2016
    • Saviakna Savita Verma 14/11/2016
  3. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 15/11/2016
  4. mani mani 15/11/2016

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