अर्जुन है तू इस रण का धर्म के अपने शस्त्र को थामबीता काले युग का अंधेरा अब नया सवेरा न्याय का मुकामभ्रष्टाचार और बढ़ती लालच कादेखो अब कैसा छिडा संग्रामबदल गया जो था इतिहासस्वच्छ भारत का ये सुंदर परिणामफिर से लौटेगी सोने की चिड़िया अर्थव्यवस्था को लगी लगाम_________अभिषेक शर्मा अभि
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Beautiful write with positive thoughts .
Thanks a lot sir
बेहद सुन्दर…………मुझे लगता अर्थव्यवस्था को लगी लगाम की जगह सही लगाम होना चाहिए ……..लगाम लग गयी तो रुक जाएगी……या अर्थव्यवस्था को मिली सही कमान…
हार्दिक आभार आदरणीय सादर नमन
Bahut accha Soch
हार्दिक आभार आदरणीय
Bahut achhi Soch
हार्दिक आभार आदरणीय
bahut acche sir………………
हार्दिक आभार आदरणीय
Bahut hi badiya kavita… Abhishek ji????
हार्दिक आभार आदरणीया
बहुत सुंदर……………….
“धुंध अब छंटने लगी, अरुणोदय होने लगा है…” ko padhen aur apani bahumulya pratikriya de.
हार्दिक आभार आदरणीय सादर नमन
जी आदरणीय
Very nice poem Abhishek ji…..
हार्दिक आभार आदरणीया