आने की आस में ……………डी. के निवातियाँ

    1. राम के घर लौट आने की खुशियाँ  मनाता हूँ इसलिए हर बार अनेको दीपक मैं  जलाता हूँ लगी है दर पे आँखे राम के आने की आस में शायद आये इसबार, ये सोच दिवाली मनाता हूँ  !!!!!डी. के   निवातियाँ [email protected]@@

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14 Comments

  1. mani 02/11/2016
    • निवातियाँ डी. के. 05/11/2016
  2. babucm 02/11/2016
    • निवातियाँ डी. के. 05/11/2016
  3. Dr Swati Gupta 02/11/2016
    • निवातियाँ डी. के. 05/11/2016
  4. ANU MAHESHWARI 02/11/2016
    • निवातियाँ डी. के. 05/11/2016
  5. Shishir "Madhukar" 02/11/2016
    • निवातियाँ डी. के. 05/11/2016
  6. MANOJ KUMAR 02/11/2016
    • निवातियाँ डी. के. 05/11/2016
  7. Meena Bhardwaj 03/11/2016
    • निवातियाँ डी. के. 05/11/2016

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