मिलते नहीं हो तुम ख्वाबो में सनम……….मनिंदर सिंह “मनी”

मिलते नहीं हो तुम ख्वाबो में सनम,तुम को ढूँढूँ खुद के जवाबो में सनम,जब से पढ़ा है मैंने तेरा चेहरा,लगता नहीं ये दिल किताबो में सनम,बातें सभी तेरे चेहरे पर थी लिखी,क्यों जी रहे हो तुम नकाबो में सनम,,कर वादे तुम भूल जाने क्यों गए,है बाकि खुशबू तेरी गुलाबो में सनम,,ये इश्क ऐ गम तेरा दिया दिलबर मेरे,पर डूब न पाया शराबो में सनम,

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

17 Comments

  1. डॉ. विवेक 28/10/2016
    • mani 28/10/2016
  2. डॉ. विवेक 28/10/2016
    • mani 28/10/2016
  3. babucm 28/10/2016
    • mani 28/10/2016
  4. babucm 28/10/2016
    • mani 28/10/2016
  5. Kajalsoni 28/10/2016
    • mani 28/10/2016
    • mani 28/10/2016
  6. sarvajit singh 28/10/2016
    • mani 28/10/2016
  7. निवातियाँ डी. के. 28/10/2016
    • mani 28/10/2016
  8. mani 28/10/2016

Leave a Reply