४१. टूट गयी अपनी ……….|गीत| “मनोज कुमार”

टूट गयी अपनी पुरानी महोब्बत रूठ गयी अपनी दीवानी महोब्बतमनाया भी हमने ना मानी महोब्बतदिल का भी हाल ना जानी महोब्बतटूट गयी अपनी………………………….. जानी महोब्बतक्या हाल दिल का बयाँ अब करें हम रुख पे भी पर्दा लिया कर हमदम तोड़ दिया रिश्ता गयी दूर महोब्बतमोड़ लिया रस्ता गयी भूल महोब्बतटूट गयी अपनी………………………….. जानी महोब्बतफेर लीं हैं नजरें लगे हँसना गवारा देती है वो तकलीफ काँटों का सहारा ख़ुशी ख़ुशी भूली बरसों की महोब्बतप्यारी लगे उसे अब ये टूटी महोब्बतटूट गयी अपनी………………………….. जानी महोब्बतवफ़ा मेरी उसको अब दिखायी नही देती प्यार की वो चाँदनी को धूंप भी है कहती रहेगा मलाल उसने तोड़ी महोब्बतखुश थी बहुत अब उदास है महोब्बतटूट गयी अपनी………………………….. जानी महोब्बततन्हा करके बढ़ा दर्द दे गयी महोब्बतदेके जख्म चली गयी अपनी महोब्बतकर गयी वीरान मेरी महोब्बतउजाड़ गयी संसार मेरी महोब्बतटूट गयी अपनी………………………….. जानी महोब्बत “मनोज कुमार”

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14 Comments

  1. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 28/10/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 02/11/2016
  2. C.M. Sharma babucm 28/10/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 02/11/2016
  3. mani mani 28/10/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 02/11/2016
  4. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 28/10/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 02/11/2016
  5. Kajalsoni 28/10/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 02/11/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 02/11/2016
  6. sarvajit singh sarvajit singh 28/10/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 02/11/2016

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