फसाद की जड़—मुक्तक—डी के निवातियाँ

जिन्हें लगता मजहब फसाद की जड़, वो मजहब से रूबरू होकर देख ले । क्या लिखा गीता, कुरआन, बाइबिल, गुरुग्रंथ साहिब को पढ़कर देख ले । अमन-ओं-चैन के लफ्जो से सजी हरएक धर्म की नायाब पाक अमानते । फिर भी हो गर किसी को कोई शक,वो मेरे साहित्य समूह आकर देख ले ।। डी के निवातिया[email protected]

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22 Comments

  1. mani 28/10/2016
    • निवातियाँ डी. के. 02/11/2016
  2. babucm 28/10/2016
    • निवातियाँ डी. के. 02/11/2016
  3. Manjusha 28/10/2016
    • निवातियाँ डी. के. 02/11/2016
  4. sarvajit singh 28/10/2016
    • निवातियाँ डी. के. 02/11/2016
  5. डॉ. विवेक 28/10/2016
    • निवातियाँ डी. के. 02/11/2016
  6. kiran kapur gulati 28/10/2016
    • निवातियाँ डी. के. 02/11/2016
    • निवातियाँ डी. के. 02/11/2016
  7. Kajalsoni 29/10/2016
    • निवातियाँ डी. के. 02/11/2016
    • निवातियाँ डी. के. 02/11/2016
  8. Meena Bhardwaj 29/10/2016
    • निवातियाँ डी. के. 02/11/2016
  9. Dr Swati Gupta 29/10/2016
    • निवातियाँ डी. के. 02/11/2016

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