जाँ निसार हो गया – शिशिर मधुकर

जैसे तूने हाथ थामा मुझे खुद से प्यार हों गयादुनियाँ सारी जल गई जब तू मेरा यार हो गयाप्यार का बारूद मेरे सीने में कब से दफन था तेरे लबों ने इसको छूआ रोशन संसार हो गया मुद्दतों तक मैं यहाँ तन्हा इंसान सा मशहूर था तेरे संग मैं हँसने हँसाने वालों में शुमार हो गयामैंने कभी सोचा ना था मावस को चाँद आएगाकुदरत के करम से पर मुझे तॆरा दीदार हो गया आखिर कोई तो बात है तेरे तिल ए रुखसार मेंयूँ ही नहीँ मधुकर उसी पर जाँ निसार हो गयाशिशिर मधुकर

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

24 Comments

  1. babucm 21/10/2016
    • Shishir "Madhukar" 21/10/2016
  2. Savita Verma 21/10/2016
    • Shishir "Madhukar" 21/10/2016
  3. MANOJ KUMAR 21/10/2016
    • Shishir "Madhukar" 21/10/2016
  4. mani 21/10/2016
    • Shishir "Madhukar" 21/10/2016
      • babucm 21/10/2016
        • Shishir "Madhukar" 21/10/2016
  5. निवातियाँ डी. के. 21/10/2016
    • Shishir 21/10/2016
  6. davendra87 21/10/2016
    • Shishir 21/10/2016
  7. Manjusha 21/10/2016
    • Shishir 21/10/2016
    • Shishir "Madhukar" 22/10/2016
  8. डॉ. विवेक 22/10/2016
    • Shishir "Madhukar" 22/10/2016
  9. विवेक गुप्ता 27/10/2016
    • Shishir "Madhukar" 27/10/2016
  10. kiran kapur gulati 28/10/2016
    • Shishir "Madhukar" 31/10/2016

Leave a Reply