ज्वर – प्रियंका ‘अलका’

 उसका मन तेज तप रहा हैज्वर की तापअपनी चरम सीमा पर हैउसकी तड़पऔर छटपटाहटबढ़ती जा रही हैशीतलता की तलाश मेंवो बार-बारगीली पट्टी कास्पर्श खोज रही है ।भूल गई हैवो स्त्री हैजिसके तन का ज्वरजिम्मेदारियों का रूप लिएथकान की सिढ़ियाँचढ़ता हुआउसके तन सेकभी भी न निकलने वालेजोंक की भाँतीचिपका रहता हैजो औरों के लिएकभी ज्वर नहीं होताऔर हर दिनहर रातवो जलती रहती हैफिर जाने क्योंमन के ज्वर कीथाह ले रही है। ।मूर्ख है,कभी न बुझने वालीतन की ज्वर को लिएमन के ज्वर कीदवा खोज रही है।अलका

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  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 16/10/2016
  2. ALKA ALKA 16/10/2016
  3. C.M. Sharma babucm 16/10/2016
    • ALKA ALKA 16/10/2016
  4. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 16/10/2016
    • ALKA ALKA 16/10/2016
  5. Jay Kumar 16/10/2016
    • ALKA ALKA 16/10/2016
  6. डॉ. विवेक Dr. Vivek Kumar 16/10/2016
    • ALKA ALKA 16/10/2016
  7. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 17/10/2016
    • ALKA ALKA 18/10/2016
  8. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 17/10/2016
    • ALKA ALKA 18/10/2016
  9. Kajalsoni 17/10/2016
    • ALKA ALKA 18/10/2016

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