मेरा ठिकाना-४—मुक्तक —-डी. के. निवातियाँ

godमैं भक्ति और प्रेम का दीवानाहर एक शै: में है मेरा ठिकानाढूंढने वाले  ढूंढ ही लेते है मुझेघट घट रहता बनके रखवाला !!!!!!!!—-डी. के. निवातियाँ—-

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

14 Comments

  1. Meena Bhardwaj 17/10/2016
    • निवातियाँ डी. के. 20/10/2016
  2. babucm 17/10/2016
    • निवातियाँ डी. के. 20/10/2016
  3. डॉ. विवेक 17/10/2016
    • निवातियाँ डी. के. 20/10/2016
  4. Shishir "Madhukar" 18/10/2016
    • निवातियाँ डी. के. 20/10/2016
  5. Kajalsoni 18/10/2016
    • निवातियाँ डी. के. 20/10/2016
  6. Dr Swati Gupta 18/10/2016
    • निवातियाँ डी. के. 20/10/2016
  7. ALKA 18/10/2016
    • निवातियाँ डी. के. 20/10/2016

Leave a Reply