बन्धन

उन बन्धनों को तोड़ना
मुश्किल नहीं होता
जो झूठे होते हैं
चाहें वो प्रेम के हों
या हृदय के जज्बात के ।

ये तो मोम के बन्धन होते हैं
जो थोड़ी सी आँच से ही
पिघल जाते हैं ।

उन बन्धनों को तोड़ना
मुश्किल होता है
जो सच्चे होते हैं
चाहें वो हृदय के जज्बात के हों
या प्रेम की सौगात के ।

ये बन्धन तो सागर की
गहराई जैसे होते हैं
जिनका थाह भी नहीं लगा पाते हैं ।।

-आनन्द कुमार
हरदोई (उत्तर प्रदेश)

12 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 27/09/2016
    • ANAND KUMAR 27/09/2016
  2. Bindeshwar prasad sharma 27/09/2016
    • ANAND KUMAR 27/09/2016
  3. mani 27/09/2016
    • ANAND KUMAR 27/09/2016
    • ANAND KUMAR 27/09/2016
  4. निवातियाँ डी. के. 27/09/2016
    • ANAND KUMAR 27/09/2016
  5. Kajalsoni 27/09/2016
    • ANAND KUMAR 28/09/2016

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