मेरी बिटिया प्यारी सी

शहजादी मेरी आयी है,
परीलोक से मेरे घर।
भोला सा चेहरा उसका,
मासूम सी मुस्कान है,
जिससे महक रहा,
मेरा प्यारा गुलिस्तां हैं।
शहजादी मेरी आयी है,
परीलोक से मेरे घर।।
नन्हीं सी बाँहों से उसने,
थामी मेरी बाँहें हैं,
ऐसा लगता है जैसे,
दुनियाभर की ख़ुशी
मेरे हाथों में हैं।
शहजादी मेरी आयी है,
परीलोक से मेरे घर।।
आँख़े भी मेरी ख़ुशी से,
नम हो जाती है,
गोदी में मेरी जब वो,
चैन की नींद पाती है।
शहजादी मेरी आयी है,
परीलोक से मेरे घर।।
खुशियों से जगमगाता रहे,
इसके जीवन का हर पल,
भगवान का आशीष रहे,
इसके हमेशा सिर पर।
शहजादी मेरी आयी है,
परी लोक से मेरे घर।।
By:Dr Swati Gupta

23 Comments

  1. babucm 22/09/2016
    • आदित्‍य 22/09/2016
    • आदित्‍य 22/09/2016
    • Dr Swati Gupta 23/09/2016
    • Dr Swati Gupta 23/09/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 23/09/2016
    • Dr Swati Gupta 23/09/2016
  3. Shishir "Madhukar" 23/09/2016
    • Dr Swati Gupta 23/09/2016
  4. Markand Dave 23/09/2016
    • Dr Swati Gupta 23/09/2016
  5. शीतलेश थुल 23/09/2016
    • Dr Swati Gupta 23/09/2016
    • Dr Swati Gupta 23/09/2016
    • Dr Swati Gupta 23/09/2016
  6. Kajalsoni 23/09/2016
    • Dr Swati Gupta 23/09/2016
  7. dheerajupadhyay83 23/09/2016
    • Dr Swati Gupta 23/09/2016
  8. निवातियाँ डी. के. 23/09/2016
    • Dr Swati Gupta 23/09/2016
  9. Meena Bhardwaj 23/09/2016

Leave a Reply