नज़र

sheetnajar

जब तलक हम साथ थे, वो बिगड़ा बिगड़ा सा लगता था,
आज जुदा हो के भी, वो बिगड़ा बिगड़ा सा लगता है,
क्या वो सच में ऐसा ही है,
या फिर मेरी नजरो ने मुझे धोखे में रखा…
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शीतलेश थुल 

14 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 21/09/2016
    • शीतलेश थुल 21/09/2016
  2. Bindeshwar prasad sharma (bindu) 21/09/2016
    • शीतलेश थुल 22/09/2016
  3. Shishir "Madhukar" 21/09/2016
    • शीतलेश थुल 21/09/2016
  4. शीतलेश थुल 21/09/2016
  5. babucm 21/09/2016
    • शीतलेश थुल 22/09/2016
  6. निवातियाँ डी. के. 21/09/2016
    • शीतलेश थुल 22/09/2016
  7. Kajalsoni 21/09/2016
    • शीतलेश थुल 22/09/2016

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