इन्तजार

sheetghr

“घर की चौखट पे खड़े, तेरा राह ताकना,
मेरा फिर बेवजह देर से आना,
सवालों-जवाबो का सिलसिला चलता रहता है,
और इसी से तो शीतलेश, तेरा घर घर-सा लगता है…”

16 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 20/09/2016
    • शीतलेश थुल 20/09/2016
  2. babucm 20/09/2016
    • शीतलेश थुल 20/09/2016
  3. mani 20/09/2016
    • शीतलेश थुल 20/09/2016
  4. निवातियाँ डी. के. 20/09/2016
    • शीतलेश थुल 20/09/2016
    • शीतलेश थुल 21/09/2016
  5. Dr Swati Gupta 20/09/2016
    • शीतलेश थुल 21/09/2016
  6. Kajalsoni 20/09/2016
    • शीतलेश थुल 21/09/2016
  7. Savita Verma 20/09/2016
    • शीतलेश थुल 21/09/2016

Leave a Reply