आँखों से लहू है बरसें

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सब के दिल में एक नई आस है
आज दिल सब का ही उदास है

निकलते आंसू कब से ही में इन्‍हे रोकती
आज घर सजाये कैसे में बच्‍चों को टोकती

घर बैढी माँ की आँखों को है इंतजार
कैसे क्‍या कहॅू आज वीर फिर है बीमार

बेटा कब से अपने पिता की गोद को है तरसें
दिल रोता बार बार आँखों से लहू है बरसें

अभिषेक शर्मा अभि


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15 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 19/09/2016
  2. Bharti das 19/09/2016
  3. Dr Swati Gupta 19/09/2016
  4. babucm 19/09/2016
  5. Kajalsoni 19/09/2016
  6. Meena bhardwaj 20/09/2016
  7. Dr Chhote Lal Singh 20/09/2016
  8. शीतलेश थुल 20/09/2016

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