मैं हूँ भारत का मतदाता – अनु महेश्वरी

मैं हूँ भारत का मतदाता।
ज़िम्मेदारी निभानी नहीं, पर अधिकार सब चाहिए।
मतदान करू मैं जात देखकर, पर विकास चाहिए।
रिश्वत मैं देता रहूँगा , पर भ्रष्टाचार  नहीं चाहिए।
बिजली बेवजह जलाऊँ मैं, पर बिल कम चाहिए।
कहीं भी चिप्स की पैकेट फेंकू, पर सड़के साफ़ चाहिए।
पेड़ मुझे नहीं लगाने, पर छाँव चाहिए।
परीक्षा मैं नकल कर पास करू, पर नौकरी चाहिए।
उधार मिले मुझे सस्ता, पर जमा में ब्याज़ ज्यादा चाहिए।
खुद को कुछ करना नहीं मुझे, पर देश आगे बढ़ना चाहिए।
मैं हूँ भारत का मतदाता।

‘अनु माहेश्वरी’
चेन्नई

8 Comments

    • ANU MAHESHWARI 17/09/2016
  1. babucm 17/09/2016
    • ANU MAHESHWARI 17/09/2016
  2. निवातियाँ डी. के. 17/09/2016
    • ANU MAHESHWARI 17/09/2016
    • Anu Maheshwari 18/09/2016

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