शायरी

आसमान से बादल बहुत दूर होता है

आसमान को याद कर बादल रोता है

कैसे समझाया जाए इस दुनिया के लोगों को?

ये दोनों के बीच ऐसा मोहब्बत होता है

 

 

कवि: स्मित परमार

आणंद गुजरात

6 Comments

  1. mani 16/09/2016
  2. Dr. Vivek Kumar 16/09/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 16/09/2016
  4. निवातियाँ डी. के. 16/09/2016
  5. babucm 16/09/2016

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