२८. तुमसे है जीवन मेरा……….”मनोज कुमार” |गीत|

तुमसे है जीवन मेरा
तुमसे है सपना मेरा
कैसे तुमको भुला में दूँ
तुमसे है सिंदूर मेरा

तुमसे है ……………………..सिंदूर मेरा

तुम दीपक में बाती तेरी
तुम पतंग में डोर तेरी
कैसे तुमको छोड़ दूँ
तुमसे है अस्तित्व मेरा

तुमसे है ……………………..सिंदूर मेरा

मेरे दिल का गहना तू
प्यार का मेरा मौसम तू
तू ही नशा मेरी महफ़िल तू
तुझसे है अंगना मेरा

तुमसे है ……………………..सिंदूर मेरा

मेरा मजनूँ हीर तू
मेरी वफ़ा मेरा प्यार तू
मेरा पागलपन भी तू
तुमसे है हँसना मेरा

तुमसे है ……………………..सिंदूर मेरा

दिल का दर्द और गम तुम्हीं से
मौज भी मस्ती तुम्हीं से
नैनो का पानी भी तू
तुमसे है उड़ना मेरा

तुमसे है ……………………..सिंदूर मेरा

“मनोज कुमार”

13 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 16/09/2016
    • MANOJ KUMAR 18/09/2016
  2. babucm 16/09/2016
    • MANOJ KUMAR 18/09/2016
  3. mani 16/09/2016
    • MANOJ KUMAR 18/09/2016
    • MANOJ KUMAR 18/09/2016
  4. निवातियाँ डी. के. 16/09/2016
    • MANOJ KUMAR 18/09/2016
  5. Kajalsoni 17/09/2016
    • MANOJ KUMAR 18/09/2016
  6. Kajalsoni 17/09/2016

Leave a Reply